१८ जनवरी २०१३, स्टूडेंट प्लेसमेंट ऑफिस, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर
इस वर्ष आईआईटी कानपुर ने प्लेसमेंट के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए. हैरानी की बात ये है कि सबसे अच्छी प्लेसमेंट सिविल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट की हुई. इसके सभी 120 छात्रों को 95 लाख की पैकेज मिला. इतनी बड़ी रकम ‘पॉकेट में राकेट’ कंपनी ने दी है. ये ख़बर सुनकर सिविल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर भी आश्चर्यचकित रह गए. उनका कहना है, “हमने हर बार की तरह इस बार भी गधे ही बनाये हैं. पता नहीं कैसे उनकी ऐसी प्लेसमेंट हो गयी. इन बच्चों को कैलकुलेटर चलाना भी नहीं आता.”
इस ख़बर का दुनिया भर की अर्थव्यवस्था पर काफी गंभीर असर पड़ा है. NASDAQ एवं BSE गोते खाने लगे हैं. भारतीय संसद में भी इसपर जमकर हंगामा हुआ. चपिल सिब्बल एवं सोनिया गंदी ने चप्पलें चलाईं. वही संस्थान के एक समुदाय के लोगों (जिनकी पहले सबसे अच्छी प्लेसमेंट होती थी) में भी काफी आक्रोश है. उन्होंने संकाय भवन (Faculty Building) के सामने भूख हड़ताल की एवं धरना दिया. उस डिपार्टमेंट के प्रोफेसर ने उन्होंने सांत्वना देते हुए कहा, “क्यूं पैसा पैसा करती है, क्यूं पैसे पे तू मरती है.” उन्हें सड़े टमाटरों एवं अण्डों से नवाजा गया. वही कुछ लोगों ने ये ख़बर सुनकर इतना हँसा कि उन्हें हर्निया हो गया. उनका इलाज़ विभिन्न अस्पतालों में जारी है.
हद तो तब हो गई जब इतना बड़ा पैकेज सुनकर कुछ प्रोफ़ेसरों ने इस्तीफ़ा दे दिया और प्लेसमेंट में बैठ गए. शर्मनाक बात ये है कि उनमें से किसी का सिलेक्शन नहीं हो पाया.
इस घटना के बाद प्रसिद्ध छात्र Approved किशोर, वर्जित बंसल एवं Her-shit खड़े ने अपना विभाग-परिवर्तन कराने की बात कही है।
ऐसी अलौकिक प्लेसमेंट पाकर सिविल इंजीनियरिंग के छात्रों का दिल गार्डन गार्डन हो गया है. हमारे पत्रकार ‘जिगर के Nigger’ ने जब प्रोफेसर सकरू से उनकी प्रतिक्रिया पूछी तो उन्होंने कहा, “एक लड़का और एक लड़की कभी दोस्त नहीं हो सकते.” हमारे विशेषज्ञ अभी तक इसका मतलब नहीं समझ पाए हैं. पाठकों से अनुरोध है कि कोई इसका मतलब समझे तो कृपया नीचे कमेंट कर दें.
इस ख़बर को लिखते हुए हमारे रिपोर्टर भी कई बार shock के कारण बेहोश हो गए। किसी ने सही ही कहा है, “हर कुत्ते का दिन आता है।”
** ये समाचार पूर्णतः काल्पनिक है। इसका किसी भी वास्तविक घटना से कोई सबंध नहीं है। अगर किसी भी घटना या व्यक्ति से किसी भी तरह से इसकी समानता होती हो तो उसे मात्र एक संयोग कहा जायेगा।
jo bhi likh rha hai humour n hindi achhi hai
धन्यवाद !
chaapu launde ho be tum..
paida hua tha to doctor ne bhi yahi kaha tha
Doctor ko tohh bhadhayi chahiye thii na, tune tohh dil par hi le li baat …
दिल पे लेने वाले लोग ऐसे article कब से लिखने लगे…
doctor se pahle mane hi kah diya tha ki tum chapu ho….
“एक लड़का और एक लड़की कभी दोस्त नहीं हो सकते.” हमारे विशेषज्ञ अभी तक इसका मतलब नहीं समझ पाए हैं. …. Isaka matlab tohh kafi gehara haii …sayad itana gehara ki aap samj tohh jayee par samajne ke chakar mein un gehrayio mein doob na jaye ……
यार आप तो senti हो गए…
tak tana nana tandoori nyts
Yeh tohh hamara janmsidh adhikar haii… tohh ab bhala hum senti bhi nahi ho sakate kya aap hamse wo adhikar bhi chin loge kyaa
jao hum aap se baat nahi karate
bhai ho kaun tum???……… u hav earned great respect for ur intellectual skills in my eyes and i would like to befriend u on facebook as its token……………..
सब ऊपर वाले की माया है , जिस दिन खुदा ने चाहा हम जरूर मिलेंगे ….
chaapa hai yaar