11 जनवरी 2013, स्टूडेंट एक्टिविटी सेंटर, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर
शुक्रवार को सीनेट की हुई एक अत्यंत खुफ़िया बैठक में एक अनोखा फ़ैसला लिया गया। आईआईटी कानपुर में गर्लफ्रेंड रखने वालों को उस semester में 1.0 SPI का बोनस दिया जायेगा। बम मोदी (बदला हुआ नाम) ने सीनेट के इस फ़ैसले पर दुविधा व्यक्त करते हुए सवाल उठाया है कि अगर किसी की गर्लफ्रेंड hometown में है तो उसके लिए क्या provision है। इसपर सीनेट में खूब बहस हुई। अंत में सीनेट ने ये फैसला किया, ”जिस भी छात्र को इस प्रावधान का लाभ उठाना है उन्हें DOSA ऑफिस में मिलने वाला Form 12 अथवा स्टाम्प पेपर पर affidavit बनवाकर उसपर अपने पार्टनर एवं जिले के तहसीलदार से हस्ताक्षर करवाने होंगे। इस दस्तावेज को registration के समय प्रस्तुत करना होगा।”
आईआईटी कानपुर के लिंग अनुपात 1:10 को देखते हुए लड़कों को एक और लडकियों को न्यूनतम दस पार्टनर्स रखने का प्रावधान रखा गया था। इसपर लडकियों ने खूब आपत्ति जताई। फेसबुक, ट्विटर समेत अन्य कई social networking sites पर लडकियों का गुस्सा फूटा:
”ये हमारे साथ नाइंसाफी है। इतने सारे फॉर्म्स भराने में बहुत समय लगेगा। सेमेस्टर के बीच में हम काफी थक जायेंगे, पढ़ने का समय भी नहीं मिल पाएगा।”
”कॉलेज के 10 गैरदिलचस्प लड़कों से दोस्ती करने का कोई फायदा नहीं। सब मगोड़ होते हैं।”
छात्राओं की मांगों को सही मानते हुए प्रबंधन ने लडकियों के लिए partners की न्यूनतम संख्या 3 कर दी है।
इस नए प्रावधान पर अपनी सहमति एवं ख़ुशी ज़ाहिर करते हुए छात्रावास 2 के छात्रों ने बकैती झाड़ते हुए आईआईटी की सड़कों पर रैली निकाली और नारे लगाए। हमें अपने सूत्रों से पता चला है की उनने अपना anthem भी गाने की कोशिश की मगर मौके की sensitivity समझते हुए itch-guard ने उन्हें रोक दिया। गौरतलब है कि इसपर लड़कों की मिली जुली राय देखने को मिली। कुछ तो इस फ़ैसले को lottery लगने जैसा मान रहे हैं वहीँ AIDS (All IIT Dussa Society) के सदस्यों ने इसे SPO का षड़यंत्र बताया है। उनका कहना है कि इससे दस्सों एवं बाकी प्राणियों में अंतर कम हो जाएगा।
हमारा मानना है कि इससे न सिर्फ आईआईटी कानपुर की Global ranking सुधरेगी, बल्कि इससे भारत के लोगों में technology के प्रति रुझान बढ़ेगा। जब हमारे रिपोर्टर JEE टापर ने IITK administration से पूछा कि क्या इससे संस्थान की औसत CPI बढ़ने के आसार हैं, तो उनका जवाब था, “मुश्किल ही लगता है। इनसे ना हो पाएगा।”
** ये समाचार पूर्णतः काल्पनिक है। इसका किसी भी वास्तविक घटना से कोई सबंध नहीं है। अगर किसी भी घटना या व्यक्ति से किसी भी तरह से इसकी समानता होती हो तो उसे मात्र एक संयोग कहा जायेगा।
शानदार !!!!
शानदार
chapu
काश ये मेरे टाइम पे होता